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मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग कैसे पहुंचे: एक विस्तृत मार्गदर्शिका (2026 अपडेट)

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आंध्र प्रदेश के नल्लामाला पहाड़ियों में बसे श्रीशैलम में स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। खास बात यह है कि यह मंदिर 18 महाशक्ति पीठों में भी शामिल है — यानी यहाँ भगवान मल्लिकार्जुन (शिव) और देवी भ्रमराम्बा (शक्ति) दोनों के एक साथ दर्शन होते हैं। कृष्णा नदी के किनारे घने जंगलों के बीच बसा यह तीर्थस्थल आस्था और प्रकृति का अनोखा संगम है।

यह लेख आपको मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग तक पहुँचने के सभी मार्गों, दर्शन के अपडेटेड नियमों, टिकट दरों और ठहरने के विकल्पों की पूरी जानकारी देगा।

यह भी देखें: मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग जहाँ पुत्र कार्तिकेय के वियोग में भगवान शिव ने धारण किया था ज्योति रूप

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग तक कैसे पहुँचें?

1. हवाई मार्ग

श्रीशैलम के निकटतम हवाई अड्डे:

  • कुरनूल हवाई अड्डा (KJB) – लगभग 85 किमी दूर। यह सबसे नज़दीकी एयरपोर्ट है, हालांकि यहाँ से उड़ानें सीमित हैं।
    राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, हैदराबाद — लगभग 200-215 किमी दूर। यह सबसे बड़ा और सबसे अच्छी कनेक्टिविटी वाला विकल्प है, जहाँ से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता के साथ-साथ दुबई, सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों की सीधी उड़ानें मिलती हैं।
  • विजयवाड़ा हवाई अड्डा – लगभग 255 किमी दूर।

हवाई अड्डे से श्रीशैलम तक टैक्सी या बस से आसानी से पहुंचा जा सकता है। हैदराबाद से टैक्सी का किराया लगभग ₹4,000-₹6,000 तक हो सकता है, जबकि APSRTC और निजी बसें ₹300-₹800 में यह दूरी तय करा देती हैं। कभी-कभी विशेष अवसरों पर हैदराबाद से हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध कराई जाती है, पर इसे पहले से बुक करना ज़रूरी है।

2. रेल मार्ग

श्रीशैलम में स्वयं कोई रेलवे स्टेशन नहीं है। निकटतम रेलवे स्टेशन है मार्कापुर रोड रेलवे स्टेशन (MRK), जो श्रीशैलम से लगभग 85 किमी दूर है।

train at markapur road railway station

मार्कापुर रोड रेलवे स्टेशन की जानकारी:

  • जोन: दक्षिण मध्य रेलवे (SCR), गुंटूर-गुंटकल खंड
  • प्लेटफॉर्म: 3
    हैदराबाद, बैंगलोर, चेन्नई और विजयवाड़ा जैसे प्रमुख शहरों से इस स्टेशन तक सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं। रायलसीमा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें इस रूट पर लोकप्रिय हैं।
  • यदि सीधी ट्रेन न मिले, तो गुंटूर जंक्शन, नंदयाल या कर्नूल जंक्शन तक जाकर वहां से बस/टैक्सी से आगे बढ़ा जा सकता है।
  • स्टेशन पर प्रतीक्षालय, पीने के पानी, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं और टिकट काउंटर उपलब्ध हैं।

स्टेशन से बाहर निकलने पर स्थानीय बस और ऑटो के ज़रिए श्रीशैलम आसानी से पहुंचा जा सकता है।

3. सड़क मार्ग

श्रीशैलम सड़क मार्ग से बेहद अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, और NH 765 हाईवे से हैदराबाद से यहां तक की यात्रा नल्लामाला के घने जंगलों से होकर गुजरती है – जो अपने आप में एक शानदार अनुभव है।

  • हैदराबाद से: APSRTC की सरकारी बसें और कई निजी बसें नियमित रूप से चलती हैं। खुद की गाड़ी से भी यह सफर 4-5 घंटे में पूरा हो जाता है।
  • अन्य शहरों से: सड़क मार्ग से पहुंचने के लिए प्रमुख हाईवे और अच्छे कनेक्शन उपलब्ध हैं। रात में जंगल के रास्ते ड्राइव करते समय सावधानी बरतें, क्योंकि यह वन्यजीव क्षेत्र (टाइगर रिजर्व) से होकर गुजरता है।

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग दर्शन के प्रकार, समय और टिकट (2026)

हैदराबाद, बैंगलोर, चेन्नई और विजयवाड़ा जैसे प्रमुख शहर श्रीशैलम के निकट स्थित मरकपुर रोड रेलवे स्टेशन से सीधी ट्रेनों के माध्यम से जुड़े हुए हैं। इस स्टेशन पर 6 प्लेटफॉर्म हैं और रायलसीमा एक्सप्रेस व काचेगुडा-यशवंतपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें इस मार्ग पर यात्रा के लिए लोकप्रिय विकल्प हैं। यदि सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है, तो आप पहले गुंटूर जंक्शन या नंदयाल रेलवे स्टेशन तक यात्रा कर सकते हैं और वहां से दूसरी ट्रेन ले सकते हैं या मरकपुर रोड तक ड्राइव कर सकते हैं। मरकपुर रोड स्टेशन से श्रीशैलम के मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग तक की दूरी लगभग 189 किलोमीटर है।

श्रीशैला देवस्थानम द्वारा दर्शन के कई विकल्प दिए जाते हैं ताकि हर श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार दर्शन कर सके:

दर्शन का प्रकार समय टिकट मूल्य
सामान्य (सर्व दर्शनम्) सुबह 6:00 – दोपहर 3:30 और शाम 6:00 – रात 10:00 नि:शुल्क
सीघ्र दर्शनम् सुबह 6:30 – दोपहर 1:00 और शाम 6:30 – रात 9:00 ₹150
सुप्रभात दर्शनम् सुबह 5:00 बजे ₹300
महा मंगला आरती (सुबह) सुबह 5:50 बजे ₹200
महा मंगला आरती (शाम) शाम 5:00 बजे ₹200
स्पर्श दर्शनम् (गर्भगृह में जाकर स्वयंभू लिंग को स्पर्श करना) दोपहर 2:00–3:00 और शाम 6:30–7:30 (मंगलवार से शुक्रवार) ₹500
गर्भालय अभिषेकम् सुबह के विशेष स्लॉट (सीमित सीटें, पहले से बुकिंग ज़रूरी) ₹5,000
वृद्ध मल्लिकार्जुन अभिषेकम् सुबह के समय (प्रतिदिन बदलता है) ₹500
मृत्युंजय होमम् दैनिक शेड्यूल अनुसार ₹1,500

ज़रूरी बातें:

स्पर्श दर्शन के लिए पुरुषों को धोती/पंचा (बिना शर्ट) और महिलाओं को साड़ी या दुपट्टे के साथ चुड़ीदार पहनना अनिवार्य है।
गर्भालय अभिषेकम् बुक करने वालों को ही स्पर्श दर्शन की अनुमति मिलती है, इसलिए यह स्लॉट हफ्तों पहले भर जाते हैं।
सोमवार, प्रदोष और त्योहारों के दिन भीड़ काफी ज़्यादा होती है — इन दिनों पहले से ऑनलाइन बुकिंग करना बेहतर रहेगा।
सभी सेवाओं और दर्शन टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग श्रीशैला देवस्थानम की आधिकारिक वेबसाइट से की जा सकती है।

नोट: दर्शन के समय और शुल्क में बदलाव होते रहते हैं, खासकर त्योहारों के दौरान। यात्रा से ठीक पहले आधिकारिक वेबसाइट पर एक बार जरूर जांच लें।

mallikarjuna jyotirlinga temple

दर्शन के लिए ज़रूरी नियम

  • पहनावा: पारंपरिक और शालीन कपड़े पहनें; स्पर्श दर्शन के लिए ड्रेस कोड सख्ती से लागू होता है।
  • गर्भगृह के अंदर मोबाइल फोन, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना वर्जित है।
  • फूल, नारियल और अगरबत्ती चढ़ाने के लिए मंदिर परिसर में अलग स्थान निर्धारित है।
  • अनधिकृत विक्रेताओं से पूजा सामग्री न खरीदें।
  • छोटे बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के साथ यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी रखें; उनके लिए विशेष सहायता सुविधा भी उपलब्ध है।
  • पवित्र क्षेत्र में प्रवेश से पहले जूते-चप्पल उतारना अनिवार्य है।

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के पास घूमने के प्रमुख स्थान

  • पाताल गंगा – कृष्णा नदी का सुंदर घाट, जहाँ श्रद्धालु स्नान करते हैं। यहाँ तक रोपवे से भी पहुंचा जा सकता है।
  • साक्षी गणपति मंदिर – माना जाता है कि यहाँ दर्शन करने से यात्रा का साक्ष्य गणेश जी के समक्ष दर्ज होता है।
  • श्रीशैलम टाइगर रिजर्व – वन्यजीव प्रेमियों के लिए सफारी का बेहतरीन अनुभव।
  • अक्क महादेवी गुफा – नाव के ज़रिए पहुंचने वाला धार्मिक व प्राकृतिक स्थल।
  • श्रीशैलम बांध – कृष्णा नदी पर बना यह बांध दर्शनीय स्थल है।
  • शिखरम मंदिर – श्रीशैलम का सबसे ऊँचा बिंदु, जहाँ से पूरे क्षेत्र का मनोरम दृश्य दिखता है।

ठहरने के विकल्प

  • देवस्थानम गेस्ट हाउस: श्रीशैलम देवस्थानम द्वारा संचालित, किफायती और साफ-सुथरे कमरे। बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट या मंदिर कार्यालय से करें।
  • धर्मशालाएँ: नि:शुल्क या मामूली शुल्क पर उपलब्ध, बुनियादी सुविधाओं के साथ।
  • बजट होटल्स और मंदिर के पास लॉज: कम बजट में सुविधाजनक ठहराव, वाई-फाई व रेस्तरां जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं।
    लक्ज़री होटल्स/रिसॉर्ट्स: बेहतर सुविधाएं चाहने वालों के लिए वातानुकूलित कमरे व आधुनिक सुविधाओं वाले विकल्प भी उपलब्ध हैं।

सुझाव: त्योहारों और सोमवार जैसे व्यस्त दिनों में ठहरने की बुकिंग पहले से कर लें, क्योंकि भीड़ काफी ज़्यादा रहती है।

प्रमुख शहरों से मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की दूरी

शहर दूरी (सड़क मार्ग) अनुमानित समय
हैदराबाद ~213 किमी 4-5 घंटे
कुरनूल ~180 किमी 4 घंटे
विजयवाड़ा ~255 किमी 5-6 घंटे
गुंटूर ~230 किमी 4-5 घंटे
बेंगलुरु ~530 किमी 9-10 घंटे
चेन्नई ~450 किमी 8-9 घंटे
पुणे ~710 किमी 12-13 घंटे
मुंबई ~890 किमी 15-16 घंटे
अहमदाबाद ~950 किमी 15-16 घंटे सड़क / 20-22 घंटे रेल
सूरत ~1050 किमी 17-18 घंटे सड़क / 22-24 घंटे रेल
इंदौर ~980 किमी 16-17 घंटे सड़क
दिल्ली ~1600 किमी सड़क मार्ग से 28-30 घंटे; हवाई या रेल मार्ग बेहतर विकल्प
जयपुर ~1250 किमी 22-24 घंटे सड़क / 26-28 घंटे रेल
कोलकाता ~1050 किमी 18-20 घंटे सड़क / 24-26 घंटे रेल

लंबी दूरी वाले शहरों से हैदराबाद तक फ्लाइट लेकर फिर सड़क मार्ग से श्रीशैलम पहुंचना सबसे सुविधाजनक और समय बचाने वाला विकल्प है।

यात्रा से पहले दर्शन के समय, टिकट दरों और बुकिंग की ताज़ा जानकारी के लिए श्रीशैला देवस्थानम की आधिकारिक वेबसाइट ज़रूर देखें, क्योंकि त्योहारों और विशेष अवसरों पर इनमें बदलाव होता रहता है।

यह भी देखें: मीनाक्षी सुन्दरेश्वर मन्दिर

Devesh Chauhan

Hey there, I'm Devesh Kumar. Born in Uttar Pradesh and received my early education there. Later I completed my 10th and 12th grades in Gujarat and then graduated in Madhya Pradesh. In 2014, I graduated with a degree in Computer Science from Rajiv Gandhi Technical University. Currently, I am pursuing my job in Ahmedabad. When I am not busy with my IT profession, you will find me enjoying my hobbies. My hobbies include traveling, playing volleyball, and swimming. I have a strong affection for religious sites, spirituality, beaches, adventure, forests, and mountains. I also enjoy contributing to Wikipedia and Tripoto. Over the years, I have explored various states and Union Territories in India. I have been attracted by the diversity that our magnificent country has to offer, from the calm landscapes of Uttarakhand and Madhya Pradesh to the colorful cultures of Rajasthan and Gujarat, and from the coastal splendor of Goa to the gorgeous hills of Himachal Pradesh and Karnataka. Visit my website to learn more about my amazing trips. Here, I post my experiences and stories in both English and Hindi.

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